मन्न सोचणु, हाथ लिखदा राला म्येरा जब तलक,
गीत,गाणा बणदा राला, सुणेणा राला तब तलक.
सुख मा गीत, दुःख मा गीत,
बिज्या मा गीत, निंद मा गीत,
औंण का गीत, जौंण का गीत,
गीत संगीतन, कभि भ्वरे नि धीत,
रीत प्रीतै चलणि राली जब तलक,
गीत गंगा बगणी राली, ठगणि राली तब तलक.
लाड का गीत, दुलार का गीत,
माया का गीत, मौल्यार का गीत,
हयुन्द का गीत, बस्ग्याल का गीत,
ब्याली, भोल, अज्क्याल का गीत,
ऋतू वसंत आली-जाली जब तलक,
गीत पुष्पा फुलणि राली,खिलणि राली तब तलक.
संजोग का गीत, वियोग का गीत,
चौमास का गीत, यकुलांस का गीत,
खुद मा गीत और खुद का गीत,
सुध का गीत, बेसुध का गीत,
भै-भैनौ कि खुद लगालि जब तलक,
जिकुड़ी झुरणि, अंगुलि लिखणी राली म्येरी तब तलक.
सोच का गीत, विचार का गीत,
आचार का गीत, प्रचार का गीत,
संदेस का गीत, उपदेस का गीत,
देस का गीत, विदेस का गीत,
नेता मन्ख्यों बखाणु रालू जब तलक,
गाली खाणु, गाणु लिख्वाणु रालू मैमा तब तलक.
मन्न सोचणु, हाथ लिखदा राला म्येरा जब तलक,
गीत,गाणा बणदा राला, सुणेणा राला तब तलक.......
विजय गौड़
३० जून २००९
सर्वाधिकार सुरक्षित.
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Dinesh Chandra Nauriyal bahut sunder bhai ji.
Gaur ji bahut badiya hamri subhkamnaya chi yani likhda rayan sadani apni matr bhasha ma...
bahut khub
Saw ur blog......A nice collection of poems......didn't know we have a poet too in this group....:)...btw got to know ur dad was my dad' s teacher.
गौर जी मिन आपकू ब्लॉग पढ़ी. बहुत अच्छु लग. सच मा आप एक गढ़वाली कवी छ. मेरी तरफ बटी आप थै बहुत बहुत शुभकामनाएं अर उम्मीद करुद की भबिश्य म भी आप इनी गढ़वाली भासा क कविता लिखदा रैला.
जगपाल सिंह रावत
बहुत ही बढ़िया लिख्यों च भै, सची बोलन ता बिज्जू भै मी ता कायल ह्वेग्युं त्यारा यूँ कवितौ कु और त्यारू अपनी भाषा कु प्रति समर्पण कु.
gud Vijay well done, keep it up, gud poem.
सभि दिदा-भुलो कु धन्यबाद.आप लोग पढना रैला त जरूर या गीत गंगा बगणी रैली!!! हरी भै, सत्ती भै, जगपाल भै, नरी, उमाकांत,अरुण जी सब्यो कु आभार...
1panth 2 kaj geet our bhasha seekhane ka very2nice song...
Gaur ji bahut badhya geet likhya chan aapa la
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